श्रीकृष्ण पर टिप्पणी से बवाल, धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ SSP से शिकायत
मेरठ में सपा नेता पहुंचे SSP कार्यालय, कथावाचक के बयान पर जताई नाराजगी, कार्रवाई की मांग

Lucknow Desk : कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की मुश्किले कम होने का नाम नहीं ले रही है। भगवान श्रीकृष्ण की भावभंगिमा को लेकर दिए गए बयान पर सियासत गरमाई हुई है। उनके माफी मांगने के बाद भी मामला ठंड़ा होने का नाम नहीं ले रहा है। पहले अखिलेश यादव ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे ‘ईशनिंदा’ (Blasphemy) करार दिया है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री का नाम लिए बिना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट लिखकर उन पर गंभीर आरोप लगाए और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री की माफी को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि अगर दुर्भावना से भरा ऐसा व्यक्ति जीवन भर भी एकांतवास में प्रायश्चित करे, तो भी कोई सच्चा आस्थावान उसे माफ नहीं करेगा।
अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था और सरकार पर सवाल उठाते हुए मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में कड़ी वैधानिक (कानूनी) कार्रवाई की जाए।
इसके बाद अब मेरठ में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने गहरी नाराजगी जताई है। 3 नवंबर 2026 को सपा लोहिया वाहिनी के जिला अध्यक्ष शशिकांत गौतम और पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनुज भड़ाना के नेतृत्व में नेताओं ने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को एक शिकायती पत्र सौंपा।
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी में रामकथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि श्रीराम सीधे हैं जबकि श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं। उन्होंने अयोध्या और वृंदावन की तुलना की। विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने माफी भी मांग ली। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी टिप्पणी भक्ति परंपरा और ब्रज की प्रेमपूर्ण अभिव्यक्ति के संदर्भ में की थी। उनका किसी भगवान के अपमान और दोनों में भेद का इरादा नहीं था।



