गाजियाबाद में गरजे योगी, कांग्रेस और सपा को घेरा
उन्होंने कहा कि भारत का नागरिक लोकतंत्र की ताकत और अपने अधिकारों को अच्छी तरह समझता है।

Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजियाबाद में बीजेपी की पदयात्रा के जरिए सियासी माहौल गरमा दिया। पदयात्रा के बाद आयोजित जनसभा में उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र, ईवीएम, राम मंदिर और विपक्ष की राजनीति को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस पर देश की संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने और जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
इमरजेंसी का जिक्र कर कांग्रेस पर साधा निशाना
जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा करने की बातें कर रही है, जबकि इसी पार्टी के शासनकाल में 1975 में देश पर आपातकाल थोपा गया था। मुख्यमंत्री ने इसे राजनीतिक विडंबना बताते हुए कहा कि लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने वाली कांग्रेस को पहले अपने इतिहास पर नजर डालनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत का नागरिक लोकतंत्र की ताकत और अपने अधिकारों को अच्छी तरह समझता है। जनता जानती है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे करना है। इसके बावजूद कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहते हैं।
चुनावी हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार ठहराने का आरोप
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो उसे जनता का समर्थन और अपनी राजनीतिक सफलता बताता है, लेकिन हार मिलने पर ईवीएम पर सवाल खड़े करने लगता है।
योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का भरोसा खो चुकी है और राहुल गांधी लगातार राजनीतिक असफलताओं का सामना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल में हुए कथित घोटालों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि आज विपक्ष देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
मोदी सरकार के विकास कार्यों को गिनाया
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत को भी महत्व दिया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल विकास की राजनीति में सहयोग देने के बजाय लगातार बाधाएं खड़ी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, विपक्ष का विरोध केवल राजनीतिक कारणों से प्रेरित है।
राम मंदिर के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरा
जनसभा में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चलाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए सपा की पिछली सरकार पर सवाल उठाए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर निर्माण का कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने विरोध किया था। इन दलों ने अदालतों में मंदिर निर्माण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी और सड़कों पर भी रामभक्तों का सामना किया।
उन्होंने कहा कि करीब 500 वर्षों तक भगवान रामलला को कभी विवादित ढांचे के नीचे तो कभी तंबू में रहना पड़ा। आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण भारत की सांस्कृतिक आस्था और पहचान का प्रतीक बन चुका है।
आवास से लेकर धार्मिक स्थलों के विकास तक का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने केंद्र और प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ, उसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से देश के गरीबों, दलितों और वंचित परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि योजना के तहत देशभर में चार करोड़ घर बनाए गए हैं। योगी ने काशी विश्वनाथ धाम, केदारनाथ में पुनर्निर्माण और दिल्ली के भारत मंडपम का उदाहरण देते हुए कहा कि देश में धार्मिक विरासत और आधुनिक बुनियादी ढांचे को साथ लेकर विकास किया जा रहा है।
गाजियाबाद में पूर्वांचल भवन और उत्तराखंड भवन के निर्माण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विकास की यह प्रक्रिया अलग-अलग क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान और जरूरतों को भी सम्मान दे रही है।



