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प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी पर विवाद, बीकानेर हाउस ने हटवाईं 74 तस्वीरें

Priyanka Gandhi son Rehan Vadra Bikaner House 74 photographs removed

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया है कि दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने उनकी प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ से विरोध-प्रदर्शनों को दिखाने वाली तस्वीरें हटाने को कहा। रेहान के मुताबिक, उनसे 105 में से 75 तस्वीरें हटाने के लिए कहा गया था। अंततः 74 तस्वीरें प्रदर्शनी से हटाईं गईं। इनमें युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों और तिरंगे को दिखाने वाली तस्वीरें भी थीं।

रेहान वाड्रा ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर लिखा कि प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले प्रबंधन ने तस्वीरों का बड़ा हिस्सा हटाने को कहा। उन्होंने कहा, “इन तस्वीरों में दिल्ली में युवाओं के विरोध-प्रदर्शन दिखाए गए थे। जाहिर है, यह कंटेंट आपत्तिजनक है।” रेहान ने यह भी कहा कि उनसे तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने को कहा गया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। बाद में, उनके अनुसार, जब वे कार्यक्रम स्थल से बाहर गए तो कर्मचारियों ने उन तस्वीरों में से एक हटा दी।

रेहान ने कहा कि उनका उद्देश्य देश में अपने आसपास हो रहे आंदोलनों को दस्तावेज के रूप में दर्ज करना था। उन्होंने बताया कि कलात्मक रूप से वे उन आंदोलनों की लय को कैनवास पर उतारना चाहते थे, जो लोगों के एक साथ आने से बनती है।

लिखित अनुरोध में बुकिंग नीति का हवाला

रेहान के मुताबिक, उन्हें बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे तस्वीरें हटाने का लिखित अनुरोध मिला। उन्होंने मीडिया को बताया कि पत्र पर डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर मनोज सिंह के हस्ताक्षर थे और उसमें वेन्यू की बुकिंग नीति का पालन न करने का हवाला दिया गया था।

रेहान ने कहा कि इससे पहले प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर ने भी उनसे तस्वीरें हटाने को कहा था। उनके अनुसार, अधिकारी का कहना था कि तस्वीरों को प्रदर्शित करने का समय और संदर्भ उचित नहीं है।

रेहान ने बताया कि उन्होंने 15 अक्टूबर को बीकानेर हाउस को प्रदर्शनी का लेआउट भेजा था। उनके अनुसार, उस लेआउट में वे तस्वीरें शामिल थीं जिन्हें वे प्रदर्शित करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने जवाब में सिर्फ “नोटेड” लिखा था और उस समय कोई आपत्ति नहीं जताई थी। रेहान का कहना है कि बीकानेर हाउस की नीति के तहत तस्वीरों की पूर्व मंजूरी लेना जरूरी नहीं था।

प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर रोहित कुमार ने इस मामले पर सवालों का जवाब नहीं दिया। बीकानेर हाउस की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। हालांकि, सूत्रों के हवाले से बताया गया कि प्रबंधन ने ऐसी तस्वीरें हटाने को कहा था जिनसे राजनीतिक विवाद हो सकता था।

रेहान बोले- किसी कलाकार के काम को सीमित न किया जाए

यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी राजनीतिक पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण तस्वीरें हटाने को कहा गया, रेहान ने कहा कि इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “चाहे मैं होऊं या कोई अन्य कलाकार, और उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो—किसी के काम को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। सार्वजनिक स्थानों की जिम्मेदारी है कि वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोके बिना कला को प्रदर्शित करें।”

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस ने मामले को लेकर केंद्र और राजस्थान की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। पार्टी सांसद और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “जब तिरंगा भी सेंसर की कैंची से नहीं बच पा रहा है, तो शायद समस्या कला में नहीं, बल्कि सत्ता में है।”

खेड़ा ने कहा कि तस्वीरों में सिर्फ विरोध-प्रदर्शनों को दिखाया गया था और उनमें कोई भी तस्वीर अपमानजनक या भड़काऊ नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तिरंगे की तस्वीर को प्रदर्शनी में बनाए रखने के लिए रेहान को संघर्ष करना पड़ा। उनके मुताबिक, तस्वीरें हटाए जाने के बाद दीवारों पर सिर्फ लोहे की कीलें बची थीं।

पिछले कुछ हफ्तों में मतदाता सूची में कथित धांधली को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कई विरोध-प्रदर्शन हुए हैं। इन प्रदर्शनों में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल रहे हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और अन्य समूहों ने भी प्रदर्शन किए हैं।

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