उत्तर प्रदेश

देवरिया में छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पेपर लीक मामलों के विरोध में जिला कलेक्ट्रेट पर धरना, राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

Lucknow Desk : देवरिया में विभिन्न छात्र संगठनों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि पिछले कुछ वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका आरोप है कि मेहनत से परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों का विश्वास लगातार टूट रहा है और उन्हें बार-बार नई परीक्षाओं का इंतजार करना पड़ता है। छात्रों ने कहा कि सरकार को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए कथित लाठीचार्ज का भी विरोध किया। उनका कहना था कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से दबाने का प्रयास उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

धरने के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना था कि जब तक परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बनेगी, तब तक युवाओं का भरोसा बहाल नहीं हो सकेगा।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम संबोधित था, जिसे प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से भेजने की मांग की गई। ज्ञापन में पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की गई।

छात्र संगठनों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना था कि यह केवल एक संगठन का आंदोलन नहीं बल्कि उन सभी युवाओं की आवाज है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था चाहते हैं।

प्रदर्शन के दौरान जिला कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर तैनात रही ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। छात्र संगठनों ने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि सरकार का ध्यान युवाओं की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाएगी

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