योगी सरकार ने मातृशक्ति को दिया वचन निभाया, प्रदेश की करीब एक करोड़ महिलाओं को मुफ्त यात्रा का तोहफा
60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश की मूल निवासी 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं अब राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश की 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश की मूल निवासी 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं अब राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। वहीं इस बारे में सूबे के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक वर्ष 2011 की जनगणना में उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की संख्या करीब 88.58 लाख थी,जो बीते वर्षों में आबादी बढ़ने के साथ यह संख्या अब एक करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। रोडवेज के सर्वे के अनुसार 60 वर्ष से अधिक उम्र की 88 हजार से ज्यादा महिलाएं प्रतिदिन रोडवेज बसों में सफर करती हैं।
ऐसे में सरकार के आकलन के मुताबिक इन महिलाओं की मुफ्त यात्रा पर हर महीने करीब 23 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। बताया जाता है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं की उम्र और पहचान का सत्यापन आधार कार्ड अथवा मतदाता पहचान पत्र के माध्यम से किया जाएगा। सत्यापन के बाद पात्र महिलाओं को स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। बस में यात्रा के दौरान परिचालक इसी स्मार्ट कार्ड को स्वाइप कर महिला यात्री को निशुल्क यात्रा की सुविधा देगा। इससे टिकट लेने की प्रक्रिया भी आसान होगी और पात्र महिलाओं की पहचान भी डिजिटल तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी। आपको बताते चलें कि महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का वादा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र में किया गया था। अब योगी सरकार ने इस चुनावी वादे को योजना के रूप में लागू कर दिया है। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश की लाखों बुजुर्ग महिलाओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने में आर्थिक राहत मिलेगी और उन्हें आवागमन के लिए दूसरों पर निर्भरता कम होगी।खास बात यह है कि योजना का सामाजिक असर भी व्यापक हो सकता है। गांवों और कस्बों में रहने वाली बुजुर्ग महिलाएं इलाज, रिश्तेदारों से मिलने, धार्मिक स्थलों की यात्रा अथवा अन्य जरूरी कामों के लिए अक्सर सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहती हैं। मुफ्त बस यात्रा उनके लिए आर्थिक बचत के साथ-साथ आवागमन को भी आसान बनाएगी। हालांकि इस महत्वपूर्ण योजना के जरिए योगी सरकार ने मातृशक्ति से किया गया एक बड़ा चुनावी वादा पूरा किया है, लेकिन इसका राजनीतिक लाभ भाजपा को कितना मिलेगा,यह तो आगे आने वाला वक्त ही बताएगा।



