Pilibhit : फर्जी अफसर बनकर ठगी का खेल, DGP के नाम का लेटर दिखाकर जमाता था धाक
वैवाहिक विवाद की जांच के दौरान सामने आया मामला, आरोपी पर फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने गांव में अपना रुतबा बढ़ाने के लिए अपनी पत्नी को कथित तौर पर आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, आरोपी ने पुलिस महानिदेशक (DGP) के नाम से फर्जी लेटर और कथित प्रशस्ति पत्र भी तैयार कर लिए, जिन्हें दिखाकर वह लोगों को गुमराह करता था।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद में पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि जिस महिला को आईपीएस अधिकारी बताया जा रहा था, उससे जुड़े दस्तावेज संदिग्ध थे। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मामला अमरिया थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता परमजीत सिंह ने बताया कि उनकी बेटी की शादी गुरजंट सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों के बीच विवाद हो गया था। वर्ष 2023 में पंचायत के माध्यम से दोनों पक्षों में समझौता हुआ था। समझौते में नौ लाख रुपये और सोने-चांदी के जेवर वापस करने की बात तय हुई थी।
आरोप है कि समझौते के बाद गुरजंट सिंह ने केवल साढ़े चार लाख रुपये ही वापस किए, जबकि बाकी रकम और जेवर वापस नहीं किए गए। जब परिवार की ओर से बाकी रकम और जेवर की मांग की गई तो मामले की जांच शुरू हुई। इसी दौरान आरोपी की ओर से किए जा रहे एक और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
शिकायत में बताया गया कि गुरजंट सिंह अपनी पत्नी पवनप्रीत कौर को गांव में आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव डालता था। लोगों को विश्वास दिलाने के लिए वह पुलिस महानिदेशक के नाम से तैयार किए गए कथित फर्जी पत्र और प्रशस्ति पत्र भी दिखाता था।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद दस्तावेजों की जांच कराई। जांच में दस्तावेजों के संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी के पास से कुछ कथित फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
इस मामले में अमरिया पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं।



